Monday, March 31, 2014

Story on proverb- Do buraiyan milkar ek acchai nahi banti/ दो बुराइयाँ मिलकर एक अच्छाई नहीं बनती


मैं वैली स्कूल में आई. सी. एस. ई  में भी हिंदी पढ़ाती हूँ । इस बोर्ड के हिंदी पेपर में कहावत के ऊपर एक निबंध पूछा जाता है । बच्चों से कई सारी  कहावतों पर निबंध लिखाना मुश्किल है इसलिए हर छात्र-छात्रा को अलग-अलग कहावत दी जाती है जिस पर वे निबंध लिखते हैं और फिर कक्षा में सब छात्र-छात्राएँ अपने लिखे निबंध पढ़ते हैं जिससे सबको कहावतें भी समझ आ जाएँ और परीक्षा में उन्हें कोई मुश्किल न हो । इन कहावतों पर लिखे निबंधों को छात्र-छात्रों को सुनाया जा सकता है या उन्हें पढ़ने के लिए दिया जा सकता है जिससे उन्हें कहावतों का अर्थ अच्छी तरह से समझ आ सके । हर कहावत के आगे वर्ष लिखा गया है , इसका मतलब है कि यह कहावत बोर्ड में उस वर्ष में पूछी गई है । आशा है कि यह सामग्री अध्यापकों और अध्यापिकाओं के साथ-साथ छात्र-छात्राओं के लिए भी उपयोगी होगी । 



दो बुराइयाँ मिलकर एक अच्छाई नहीं बनती (राहिल) 1983
लगभग सौ साल पहले अलादीन पूरे फारस का शाह बन गया । वह बहुत लालची था । उसे पूरी दुनिया पर कब्ज़ा करना था । जब चीन के राष्ट्रपति ने यह सुना कि अलादीन पूरी दुनिया पर कब्जा करने वाला है , उसे पता था कि वे चीन से शुरुआत करेंगे क्योंकि फारस और चीन दुश्मन थे । चीन का राष्ट्रपति बहुत चालाक था और उसने फारस के शाह को चीन में थोड़े लोगों को मारने दिया और थोड़ी ज़मीन भी लेने दी । चीन के राष्ट्रपति किम जान ने यह किया क्योंकि अब सभी देश फारस को मारना चाहेंगे ।
किम जान को भी हमेशा एक चाह थी कि पूरी दुनिया उसके हाथ में हो । पहले किम जान ने दूसरे देशों की सहायता के साथ फारस से ज़मीन वापिस ले ली । जब दूसरे देशों के सैनिक वापिस अपने देश जा रहे थे । किम जान ने उनको ढेर सारा पैसा देकर अपना बना लिया । अब किम जान ने अलादीन के फारस पर बदले में हमला किया और फारस पर कब्जा कर लिया ।
दुनिया के सभी देशों को यह अच्छा नहीं लगा कि चीन ने फारस में हमला करके कब्ज़ा कर लिया । इस कारण दुनिया के सभी बड़े देशों ने चीन पर हमला किया और छोटे देशों ने चीन की मदद की क्योंकि उनको चीन से बहुत डर था । ऐसे दुनिया में युद्ध शुरु हो गया । हर युद्ध की तरह इस युद्ध में भी कोई भी नहीं जीता । सब देशों के करोड़ों लोग मारे गए , बड़ी-बड़ी इमारतें नष्ट हो गईं, बहुत सारे घर नष्ट हो गए और बहुत थोड़े लोग ही इस युद्ध से बच गए ।
इस कारण ही लोग कहते हैं कि दो बुराइयाँ मिलने से एक अच्छाई नहीं बनती ।











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